इन 7 कंपनियों पर बड़ा एक्शन, करोड़ों की टैक्स चोरी का हुआ खुलासा, ऐसे हो रहा था खेल :

इन 7 कंपनियों पर बड़ा एक्शन, करोड़ों की टैक्स चोरी का हुआ खुलासा, ऐसे हो रहा था खेल :

कंपनियां राज्य के साथ-साथ राज्य के बाहर के टैक्सपेयर्स को नकली आईटीसी बिल जारी कर रही थीं. विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में आईटीसी रैकेट चलाने वालों की भी पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वित्त वर्ष 2021-22 में राज्य में 600 करोड़ रुपये की जीएसटी की चोरी पकड़ी गई है.


केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) ने फर्जी आईटीसी बिल जारी करने वाली सात कंपनियों का खुलासा किया. मामला छत्तीसगढ़ का है, जहां जीएसटी विभाग के अधिकारियो ने 68 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाली सात कंपनियों को खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि ये कंपनियां राज्य के साथ-साथ राज्य के  बाहर के टैक्सपेयर्स को नकली आईटीसी बिल जारी कर रही थीं. विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में आईटीसी रैकेट चलाने वालों की भी पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


ऐसे हो रही थी टैक्स की चोरी
रायपुर सीजीएसटी आयुक्तालय ने सात कंपनियों बिजोटिक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, गोल्डन ट्रेडर्स, एआरएल ट्रेडिंग कंपनी, देवी ट्रेंडिंग कंपनी, बद्री एंटरप्राइजेज, कुमार ट्रेडर्स और सिंह ब्रदर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीजीएसटी ने इस अभियान के तहत 68.04 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है .केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के प्रधान आयुक्त अतुल गुप्ता ने कहा ये फर्जी कंपनियां किसी सामान की आपर्ति किए बिना ही आईटीसी हासिल कर रही थीं. साथ ही छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों को टैक्सपेयर्स को भी इसे पास कर रही थीं.


आईटीसी का दावा करना जरूरी
किसी भी सामान का इनपुट टैक्स क्रेडिट जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यक्ति को ही दिया जाता है. जो रजिस्टर्ड नहीं है, उसे ये नहीं दिया जाता. क्रेडिट केवल बिजनेस के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के लिए ही मिलता है. पर्सनल इस्तेमाल वाली वस्तुओं के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं दिया जाता.यदि किसी भी सामान का इस्तेमाल व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है, तो व्यावसायिक हिस्से के तहत आने वाले सामान को ही छूट दी दी जाती है और इसके लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट जारी किया जाता है.


इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने के लिए बिल के साथ चार्ज किए गए टैक्स की जानकारी, सप्लाई की गई वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य और इंटरस्टेट सेल की डिटेल्स  को शामिल करना जरूरी है. इसी के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया जाता है.


इतने करोड़ की चोरी पकड़ी गई
रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य में 600 करोड़ रुपये की जीएसटी की चोरी पकड़ी गई है. साथ ही बताया जा रहा है कि 200 से ज्यादा टैक्स चोर करने वाले लोग भी पकड़े गए हैं. इसके अलावा केंद्र को छत्तीसगढ़ से 50 हजार करोड़ से ज्यादा का जीएसटी मिला है.


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